





भोजपुर राज्य निर्माण समिति
Bhojpur State Formation Committee
सुनs हो बहिनी, सुनs हो भइया,
अब जागे के बा, अब बोले के बा।
हमनी हईं भोजपुरीया माटी,
राज्य हमार भोजपुरी, राजधानी काशी!

मूल सोच (Drishtikon)
भोजपुरी भाषा, साहित्य, आ संस्कृति के गौरव बचावे आ बढ़ावे के, आ भोजपुर इलाका के लोगन के हक, सम्मान आ बराबरी के विकास खातिर भोजपुर राज्य बनावे के माँग।
ई आंदोलन भोजपुरिया अस्मिता, स्वाभिमान आ समान अधिकार के प्रतीक हवे।
मुख्य उद्देश (Uddeshya)
(क) भाषा आ साहित्य के गौरव
- भोजपुरी के भारतीय संविधान के अठवाँ अनुसूची में जगह दिलावे के।
- स्कूल, कॉलेज आ यूनिवर्सिटी में भोजपुरी पढ़ाई शुरू करावे के।
- भोजपुरी साहित्य, सिनेमा, नाटक, गीत-संगीत आ मीडिया के बढ़ावा देवे के।
- भोजपुरी लेखक, कलाकार आ शोधकर्ता लोग के सरकारी मान्यता आ सहारा मिल सके, एह खातिर पहल करल जाव।
(ख) राज्य बनावे के माँग
- भोजपुरी बोलनवाला इलाका — जइसे पूरब उत्तर प्रदेश, पश्चिम बिहार आ झारखंड के कुछ हिस्सा — के मिला के अलगा भोजपुर राज्य बनावल जाव।
- इलाका के संसाधन पर स्थानीय लोगन के अधिकार होखे।
- रोजगार, सड़क, शिक्षा, अस्पताल आ खेती के बराबरी वाला विकास होखे।
(ग) सरकारी दोहरापन के खिलाफ आवाज़
- सरकार जे भोजपुर इलाका के बरसों से अनदेखी करत आ रहल बा, ओकर खिलाफ लोकतांत्रिक तरीका से आवाज उठावल जाव।
- भोजपुर इलाका के शिक्षा, नौकरी आ उद्योग में बराबरी के हक मिले — ई माँग साफ-साफ रखल जाव।
भोजपुरी राज्य के जरूरत काहे बा?
Why Bhojpur State is Essential?
भोजपुरीया पहचान के सुरक्षा
भोजपुरी भाषा 25 करोड़ से अधिक लोग बोलेला, लेकिन एकरा आजो तक संवैधानिक मान्यता ना मिलल।
आर्थिक विकास
भोजपुर क्षेत्र में अपार प्राकृतिक संसाधन बा, लेकिन विकास नइखे भइल।
बेरोजगारी रोकथाम
लाखों युवा रोजगार खातिर दूसर राज्य आ विदेश जाए के मजबूर बा।
शिक्षा और स्वास्थ्य
नई यूनिवर्सिटी, मेडिकल कॉलेज, IIT, IIM खोले के जरूरत बा।
प्रशासनिक उपेक्षा का अंत
अपना प्रशासन, बजट, योजना खुद बनावे के अधिकार मिली।
सांस्कृतिक धरोहर
काशी, कुशीनगर, बक्सर जैसे ऐतिहासिक स्थलों का विकास होगा।
प्रस्तावित भोजपुरी राज्य
प्रमुख नदियाँ
खनिज संपदा
प्रमुख फसलें
प्रमुख उद्योग
🗺️ प्रस्तावित भोजपुरी राज्य का मानचित्र
28 जिलों वाला प्रस्तावित भोजपुर राज्य

भोजपुरी भाषा-भाषी क्षेत्रों को मिलाकर प्रस्तावित भोजपुर राज्य
बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के कुल 28 जिले | कुल क्षेत्रफल: 85,390 वर्ग कि.मी.

28 जिलों का विवरण
आर्थिक, औद्योगिक और प्राकृतिक संपदा
भोजपुर (आरा)
बक्सर
सिवान
सारण (छपरा)
गोपालगंज
पश्चिम चंपारण
पूर्वी चंपारण
रोहतास (सासाराम)
कैमूर

संवैधानिक आधार
Constitutional Framework for New State Formation
केंद्र सरकार को नया राज्य शामिल करने का अधिकार
नया राज्य बनाने, विभाजन और सीमा बदलने की प्रक्रिया
🏛️ राज्य निर्माण की प्रक्रिया
जन समर्थन और जनजागरण
राज्य सरकार से प्रस्ताव
संसद में विधेयक पेश करना
संसद में बहस और मतदान
राष्ट्रपति की मंजूरी
✨ भोजपुर राज्य संभव है!
तेलंगाना, झारखंड, छत्तीसगढ़ आ उत्तराखंड जइसन राज्य बन सकेला,
त भोजपुर राज्य काहे नइखे बन सके?
आंदोलन की रणनीति
भोजपुर राज्य आंदोलन को कैसे मजबूत करें
जनजागरण अभियान
Public Awareness
- सोशल मीडिया पर #BhojpurRajya कैम्पेन
- गाँव-गाँव जनजागरण सभा
- सांस्कृतिक कार्यक्रम और नाटक
- बिरहा, कवि सम्मेलन के आयोजन
राजनीतिक दबाव
Political Pressure
- संसद में मुद्दा उठाना
- राज्य विधानसभा में प्रस्ताव
- सभी पार्टियों से समर्थन
- एकजुट मोर्चा का गठन
कानूनी लड़ाई
Legal Battle
- जनहित याचिका (PIL) दाखिल करना
- राज्य पुनर्गठन आयोग की मांग
- RTI से जानकारी प्राप्त करना
- संवैधानिक अधिकारों की रक्षा
जन आंदोलन
Mass Movement
- शांतिपूर्ण रैली और प्रदर्शन
- दिल्ली, पटना में धरना
- लोकतांत्रिक सत्याग्रह
- अहिंसात्मक आंदोलन
सफल उदाहरण
भारत में नए राज्यों का निर्माण
✨ तेलंगाना के मॉडल से सीख लेकर भोजपुर राज्य का सपना साकार किया जा सकता है!

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🚩 जय भोजपुर! जय भारत! 🚩
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“भोजपुरी हमार पहिचान, भोजपुर राज्य हमार सम्मान!”
सुनs हो बहिनी, सुनs हो भइया,
अब जागे के बा, अब बोले के बा।
हमनी हईं भोजपुरीया माटी,
राज्य हमार भोजपुरी, राजधानी काशी!